दोस्त जो मेरे सितमगर निकले । फूल की शक्ल में पत्थर निकले ।।
घर में पड़ी पुरानी साईकिल, सा लग रहा है। कैसे कटेगा जीवन, मुश्किल सा लग रहा है।।